गुरुवार, 13 जून 2019

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गीत-संगीत, ध्यान-योग अौर पेंटिंग जैसी कलाअाें में सिद्धहस्त हैं पुलिस प्रशासनिक सेवा के ये आला-अफसर

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गीत-संगीत, ध्यान-योग अौर पेंटिंग जैसी कलाअाें में सिद्धहस्त हैं पुलिस प्रशासनिक सेवा के ये आला-अफसरगिरीश शर्मा/उदयपुर | आईएएस, आईपीएस, आरएएस सहित प्रशासन के आला अधिकारी गीत-संगीत, चित्रकला, ध्यान योग के माध्यम से...

 आईएएस, आईपीएस, आरएएस सहित प्रशासन के आला अधिकारी गीत-संगीत, चित्रकला, ध्यान योग के माध्यम से स्ट्रेस मैनेजमेंट ताे कर ही रहे हैं। वहीं जॉब के साथ-साथ अपने पैशन को भी तराश रहे हैं। पढ़िए आईएएस, आईपीएस और आरएएस अधिकारियों की कहानी उन्हीं की जुबानी... 


संगीत में रमता है इनका मन, प|ी से सीखी बारीकियां (प्रफुल्ल कुमार, अाईजी, उदयपुर रेंज) अाईजी प्रफुल्ल कुमार

44 वर्षीय प्रफुल्ल कुमार बताते हैं कि स्ट्रेस फ्री लाइफ के लिए गुनगुनाते हैं। गीत-संगीत की ये कला प|ी वर्षा से पांच साल पहले ही सीखी है। वर्षा अच्छी सिंगर हैं। विशेष अवसरों पर किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, अरिजीत सिंह जैसे गायक कलाकारों के नगमे पेश कर दूसरे लोगों को भी तनाव से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं। मूलत: पटना निवासी 2001 बैच के आईपीएस प्रफुल्ल कुमार 11 जनवरी 2019 से उदयपुर रेंज में बतौर आईजी तैनात हैं।

चित्रकला में सुकून, हर जगह बिखेरे हैं कला के रंग (दिनेश कोठारी, आरएएस) प|ी वर्षा।

देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त 59 वर्षीय दिनेश कोठारी पेंटिंग में माहिर हैं। वे बताते हैं कि वे इस कला से दिलोदिमाग को सुकून मिलता है। कामकाजी थकान दूर हो जाती है। समकालीन चित्रकला में सिद्धहस्त कोठारी एससीईआरटी के निदेशक बने तो वहां म्यूजियम बना दिया। नगर निगम आयुक्त बने तो सर्किट हाउस में स्टोन म्यूरल और टाउनहॉल में शीशे का मोर गढ़ दिया। नाथद्वारा और सांवलियाजी में भी कई जीवंत चित्र उकेरे हैं।

जहां भी जाते हैं, फैला देते हैं गीत-संगीत का जादू (विश्वास मेहता, अतिरिक्त मुख्य सचिव) डूंगरपुर निवासी 1986 केरला कैडर के आईएएस विश्वास मेहता दो दशकों से गीत-संगीत में रमे हुए हैं। फिलहाल तिरुवनंतपुरम में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। मेहता ने उदयपुर में वर्ष 2000 में म्यूजिक लवर्स क्लब बनाकर आईएएस, आरएएस, डॉक्टर आदि पेशे के लोगों को जोड़ा। मेहता जहां भी जाते हैं वहां इसकी अलख जगा देते हैं। बता दें, छह साल पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर में बतौर निदेशक भी रहे हैं। 

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